रामसर साइट्स में शामिल भारत के सभी आर्द्रभूमि स्थल (wetlands)

 रामसर साइट्स क्या है? 

नमी था दलदली भूमि वाले क्षेत्र को आर्द्रभूमि या वैटलैंड कहा जाता है । वेटलैंड वैसे क्षेत्र है जहाँ भरपूर नमी पायी जाती है और इसके कई लाभ भी हैं। 

आर्द्रभूमि भारत में ठंडे और शुष्क इलाकों से लेकर मध्य भारत के कटिबंधीय मानसूनी इलाकों और दक्षिण के नमी वाले इलाकों तक फैली हुई है।

             


  आर्द्रभूमि एक विशिष्ट प्रकार का पारिस्थितिकीय तंत्र  है तथा जैव-विविधताओं का मिलन स्थल होने के कारण वहाँ वन्य प्राणी प्रजातियों व वनस्पतियों को पाए जाने के कारण वेटलैंड समृद्ध पारिस्थतिकीय तंत्र  है।

               


आज के आधुनिक जीवन में मानव को सबसे बड़ा खतरा जलवायु परिवर्तन से है और ऐसे  में यह जरूरी हो जाता है कि हम अपनी जैव विविधता का संरक्षण करें । 

आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रयास

रामसर कन्वेंशन  


रामसर कन्वेंशन एक अंतर - सरकारी संधि है जो वेटलैंड और उसके संसाधनों के संरक्षण और बुद्धिमतापूर्ण उपयोग के लिए राष्ट्रीय कार्य और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का ढांचा उपलब्ध कराती हैं । 2 फरवरी , 1971 को विश्व के विभिन्न देशों ने ईरान के (ईरानी शहर जो कि रामसर में कैस्पियन सागर के दक्षिणी किनारे पर स्थित है)रामसर में दुनिया के वेटलैंड्स के संरक्षण हेतु रामसर संधि पर हस्ताक्षर किए थे , इसलिए इस दिन ( 2 फरवरी को) वैटलैंड्स दिवस मनाते हैं । भारत द्वारा इसे 1 फरवरी, 1982 में लागू किया गया। वे आर्द्रभूमि क्षेत्र जो अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के हैं, रामसर स्थल के रूप में घोषित किये गए हैं।

              इस बार के आर्द्रभूमि / वेटलैंड्स पर रामसर अभिसमय ( convention ) की स्थायी समिति द्वारा 2 वर्षो 2020 और 2021 के लिए स्वीकृत की गई थीम्स है-

  •  2020 - आर्द्रभूमि और जैव - विविधता 

  • 2021- आर्द्रभूमि और जल

 रामसर साइट्स 

8 मई 1974 को ऑस्ट्रेलिया में कोबोर प्रायद्वीप को दुनिया में पहला रामसर साइट घोषित किया गया था। पूरे संसार  में 2400 रामसर साइट्स है, जिसमें से 42 रामसर स्थल भारत के है जो निम्न इस प्रकार है-

जम्मूकश्मीर 

1. होकेरा वेटलैंड्स 

2.सुरिंसार- मानसर झील

3. वूलर झील

 लदाख 

4.त्सो-मोरिरी झील 

5.त्सो-कर लेक

हिमाचल प्रदेश 


6.चंदरताल वैटलैंड्स 

7.पौंग बांध झील

8.रेणुका वेटलैंड्स - सबसे छोटा वेटलैंड्स 

असम


9.गहरा बील( डीपोर बील)

 पंजाब 

10.केशोपुर - मिआनी 

11.कांजली झील 

12.व्यास संरक्षण रिजर्व 

13.रोपड़ झील 

14.नांगल वेटलैंड्स

15. हरिके झील

मणिपुर 

16.लोकटक झील 

त्रिपुरा

17.रूद्रसागर 

ओडिशा 

18.भीतरकणिका मैंग्रीव 

19.चिल्का झील :1982 में सर्वप्रथम शामिल होने वाला वेटलैंड 

पश्चिम बंगाल 

20.पूर्वी कलकता वेटलैंड्स

21.सुंदरवन वैटलैंड्स 

महाराष्ट्र 

22.नंदूर मधमेश्वर

23. लोनार झील→ यह झील हेलोबैक्ट्रियम के कारण गुलाबी  रंग का दिखाइ देता है। 

मध्य प्रदेश

24. भोज वेटलैंड्स 

राजस्थान 

25. सांभर झील 

26.केवलादेव घाना नेशनल पार्क- 1982 में सर्वप्रथम शामिल होने वाला वेटलैंड 

गुजरात 

27.नलसरोवर पक्षी अभ्यारण 

आंध्रप्रदेश

28.कोल्लोरू झील

 केरल

29.अष्टमुडी वेटलैंड

30.सस्थमकोट्टा झील

31.वैम्बनाड-कोल वेटलैंड : भारत का सबसे बडा वेटलैंड 

तमिलनाडू 

32.प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभ्यारण

उत्तराखण्ड वेटलैंड्स

33.आसान रिजर्व : उतराखण्ड का पहला रामसर साइट जो 2020 में शामिल हुआ

बिहार

34.काबर तल: बिहार का पहला वेटलैंड जो 2020 मे शामिल हुआ

उत्तर प्रदेश 



35.नवाबगंज पक्षी अभयारण,उन्नाव

36.पार्वती अरगा पक्षी अभ्यारण,गोंडा 

37.समन पक्षी अभयारण, मैनपुरी  

38.समसपुर पक्षी अभयारण,रायबरेली 

39.सांडी पक्षी अभयारण,हरदोई 

40.सरसई नवार झील, इटावा  

41.ऊपरी गंगा नदी, ब्रजघाट से नरौरा तक

42.सूर सरोवर(कीथम झील) : हाल ही के जनवरी 2021 में शामिल


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