पृथ्वी की अक्षांश रेखाए
अक्षांश रेखाओं की संख्या 181 है. अक्षांश वह कोण है, जो विषुवत रेखा और किसी अन्य स्थान के बीच पृथ्वी के केन्द्र पर बनती हैं. विषुवत रेखा को शून्य अंश की स्थिति में माना जाता है. यहां से उत्तर की ओर बढ़ने वाली कोणिक दूरी को उत्तरी अक्षांश और दक्षिण की दूरी को दक्षिणी अक्षांश कहते हैं.
1.सभी अक्षांश रेखाऐं एक दूसरे के समाना्तर खाने होते हुए पूर्ण वृत्त के रूप में होती हैं। अत: इन्हें Parallels भी कहा जाता है।
2.सभी अक्षांश रेखाऐं ग्लोब पर शुद्ध पूर्व-पश्चिम दिशा में खींची हुई होती हैं।
3.सभी अक्षांश रेखाओं में केवल भूमध्य रेखा ही वृहत वृत (Great Circle) होती है।
4.भूमध्य रेखा एवं ध्रुवों को छोड़कर शेष सभी अक्षांश रेखाएं लघु वृत होती हैं।
5.भूमध्य रेखा के दोनों ओर अक्षांशीय वृत्त छोटे होते जाते हैं।
6.उत्तरी व दक्षिणी ध्रुव बिन्दु मात्र होते हैं।
7.अक्षांश रेखाओं का अधिकतम मान 90° उत्तर अथवा 90° दक्षिण तक होता है।
8.सभी अक्षांश रेखाऐं समान दूरी (1° के अन्तराल पर लगभग 111 कि.मी.) पर खींची जाती हैं ।
9.1° के अन्तराल पर कुल 181 अक्षांश (90+90 180 + भूमध्य रखा=181) होते हैं।
कर्क रेखा से होकर गुजरने वाले देश
(पश्चिम से पूर्व की ओर जाने पर)
मैक्सिको पश्चिमी सहारा,मॉरिटानिया, माली, अल्जीरिया, लीबिया मिस्र, सऊदी अरब,ओमान, यूएई,भारत, बांग्लादेश,म्यांमार, चीन,वियतनाम,ताइवान
(पूर्व से पश्चिम)
ताइवान,चीन,वियतनाम,म्यांमार, भारत, बांग्लादेश, ओमान, यू ए ई,सऊदी अरब, मिस्र, लीबिया,अल्जीरिया,माली, मॉरिटानिया पश्चिम सहारा,मैक्सिको
विषुवत रेखा से होकर गुजरने वाले देश
(पश्चिम से पूर्व की ओर जाने पर)
इक्वाडोर,कोलंबिया,ब्राजील,गैबन,कांगो, कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य,युगांडा, केन्या, सोमालिया,इंडोनेशिया,किरीबाती
मकर रेखा से होकर गुजरने वाले देश
(पश्चिम से पूर्व की ओर जाने पर)
चिली,अर्जेंटीना,पराग्वे, ब्राजील,नामीबिया, बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, मोजांबिक, मेडागास्कर(मलागासी), ऑस्ट्रेलिया



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