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मैंग्रोव वन

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मैंग्रोव के रिक्तिकरण के कारणों पर चर्चा कीजिए और  तटीय पारिस्थितिकी का अनुरक्षण करने में इनके महत्व को स्पष्ट कीजिए। मैंग्रोव शब्द दलदल में पेड़ों और झाड़ियों को संदर्भित करता है। यह अक्सर ऐसे क्षेत्रों में उगते हैं जहां नदी (मीठे पानी) तथा सागर (खारे पानी) का मिश्रण होता है। मैंग्रोव की विशेषताएँ:  मोमयुक्त पत्ते मैंग्रोव, रेगिस्तानी पौधों की तरह, मोटे पत्तों में ताजा पानी जमा करते हैं।पत्तियों पर एक मोम का लेप जल को अपने अंदर अवशोषित रखता है और वाष्पीकरण को कम करता है। लवणीय वातावरण  मे अत्यधिक प्रतिकूल जैसे उच्च नमक और कम ऑक्सीजन की स्थिति, में भी जीवित रह सकते हैं। कम ऑक्सीजन मे किसी भी पौधे के भूमिगत ऊतक को श्वसन के लिये ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। लेकिन मैंग्रोव वातावरण में मिट्टी में ऑक्सीजन सीमित या शून्य होती है।इसलिये मैंग्रोव जड़ प्रणाली वातावरण से ऑक्सीजन को अवशोषित करती है। विवियोपोरस- उनके बीज मूल वृक्ष से जुड़े रहते हुए अंकुरित होते हैं। एक बार अंकुरित होने के बाद अंकुर बढ़ने लगते है। परिपक्व अंकुर पानी में गिर जाता है और किसी अलग स्थान पर पहुँच क...